This article is published by The Legal Warning India and written by Advocate Uday Singh.
चोरी (Theft) का FIR Format – पूरा कानूनी प्रारूप, प्रक्रिया और आपके अधिकार
अगर आपका मोबाइल, गाड़ी, जेवर, नकदी या घर का सामान चोरी हो गया है, तो
सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कानूनी कदम है – FIR दर्ज कराना।
अक्सर लोग घबराहट या जानकारी की कमी के कारण सही तरीके से शिकायत दर्ज नहीं करा पाते,
जिससे बाद में बीमा क्लेम, जांच और रिकवरी में दिक्कत आती है।
यह लेख भारतीय आपराधिक प्रक्रिया और व्यावहारिक पुलिस प्रक्रिया पर आधारित है।
चोरी (Theft) क्या होती है?
जब कोई व्यक्ति आपकी चल संपत्ति (Movable Property) को आपकी अनुमति के बिना
बेईमानी से ले जाए, तो वह चोरी कहलाती है।
सामान्य उदाहरण:
- मोबाइल चोरी
- घर में सेंधमारी
- वाहन चोरी
- जेवर या नकदी की चोरी
चोरी एक संज्ञेय अपराध है, यानी पुलिस को FIR दर्ज करनी होती है।
FIR दर्ज कराने से पहले क्या तैयार रखें?
- घटना की तारीख और समय
- सटीक स्थान
- चोरी गए सामान की सूची
- अनुमानित कीमत
- मोबाइल का IMEI / वाहन का नंबर
जितनी स्पष्ट जानकारी, उतनी मजबूत FIR।
चोरी की FIR का सही प्रारूप (Sample Format)
सेवा में,
थाना प्रभारी महोदय,
थाना – ___________
जनपद – ___________
विषय: चोरी की घटना के संबंध में FIR दर्ज करने हेतु प्रार्थना पत्र
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं ___________ (नाम), पुत्र/पुत्री ___________,
निवासी ___________ (पूरा पता) हूँ।
दिनांक ___________ को समय लगभग ___________ बजे
मेरे घर/दुकान/वाहन से निम्नलिखित सामान चोरी हो गया:
- सामान का नाम: ___________
- अनुमानित कीमत: ___________
- पहचान चिन्ह / IMEI / रजिस्ट्रेशन नंबर: ___________
मुझे संदेह है कि यह चोरी अज्ञात व्यक्ति/___________ द्वारा की गई है।
अतः आपसे निवेदन है कि मेरी शिकायत पर FIR दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
संलग्न: पहचान पत्र, बिल, फोटो, अन्य दस्तावेज।
दिनांक: ________
हस्ताक्षर: ________
मोबाइल नंबर: ________
अगर पुलिस FIR दर्ज नहीं करे तो क्या करें?
अगर पुलिस आपकी FIR दर्ज करने से मना करती है, तो आप:
- लिखित शिकायत देकर रिसीविंग लें
- SP/SSP को प्रार्थना पत्र भेजें
- ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
इस संबंध में विस्तृत प्रारूप और प्रक्रिया यहां पढ़ें:
Police Complaint Format (Hindi) – सही कानूनी तरीका
संज्ञेय अपराध में FIR दर्ज करना पुलिस का कर्तव्य है।
मोबाइल चोरी के विशेष निर्देश
- IMEI नंबर अवश्य दें
- SIM तुरंत ब्लॉक कराएं
- CEIR पोर्टल पर ब्लॉकिंग करें
बीमा क्लेम के लिए FIR क्यों जरूरी है?
अगर आपका वाहन या महंगा सामान चोरी हुआ है,
तो Insurance claim के लिए FIR की certified copy अनिवार्य होती है।
अधूरी FIR या देरी से रिपोर्ट बीमा क्लेम पर असर डाल सकती है।
सबसे आम गलतियाँ
- घटना का अनुमानित समय न लिखना
- सामान का पूरा विवरण न देना
- देरी से शिकायत करना
सही FIR ही मजबूत जांच की नींव है।
निष्कर्ष
चोरी का मामला छोटा हो या बड़ा,
FIR दर्ज कराना आपका अधिकार और कानूनी सुरक्षा का पहला कदम है।
समय पर सही प्रक्रिया अपनाने से नुकसान की भरपाई और आरोपी की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ती है।
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Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी और जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। यह किसी प्रकार की कानूनी सलाह या सॉलिसिटेशन नहीं है। यह संचार Bar Council of India Rule 36 के अनुरूप है।





















