This article is published by The Legal Warning India and written by Advocate Uday Singh.
क्या पुलिस दबाव बनाने के लिए परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार कर सकती है? – कानूनी सच्चाई
अक्सर देखा जाता है कि जब किसी व्यक्ति पर आपराधिक मामला दर्ज होता है, तो पुलिस सीधे आरोपी की बजाय उसके परिवार के सदस्यों को बुलाने, डराने या गिरफ्तार करने की धमकी देती है।
ऐसे मामलों में सबसे आम सवाल होता है —
- क्या पुलिस परिवार के लोगों को दबाव बनाने के लिए गिरफ्तार कर सकती है?
- क्या यह कानूनन सही है?
- परिवार के सदस्यों के क्या अधिकार हैं?
इस लेख में हम इस मुद्दे की कानूनी सच्चाई को सरल हिंदी में समझा रहे हैं।
यह जानकारी आपराधिक कानून के सिद्धांतों और सार्वजनिक न्यायिक दृष्टिकोण पर आधारित है।
क्या आरोपी के परिवार को सिर्फ रिश्ते के कारण गिरफ्तार किया जा सकता है?
नहीं।
भारतीय कानून में किसी भी व्यक्ति को सिर्फ इसलिए गिरफ्तार नहीं किया जा सकता क्योंकि वह आरोपी का रिश्तेदार है।
गिरफ्तारी तभी वैध होती है जब:
- उस व्यक्ति की सीधी भूमिका अपराध में हो
- उसके खिलाफ ठोस साक्ष्य मौजूद हों
- कानूनन गिरफ्तारी की आवश्यकता साबित हो
रिश्तेदारी कोई अपराध नहीं है।
पुलिस परिवार को क्यों निशाना बनाती है?
व्यवहारिक रूप से, कई मामलों में पुलिस:
- आरोपी पर दबाव बनाने के लिए
- समझौते के लिए मजबूर करने हेतु
- थाने में हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए
- मानसिक दबाव बनाने के उद्देश्य से
परिवार के सदस्यों को निशाना बनाती है।
लेकिन ऐसा करना कानूनन सही नहीं है।
क्या पुलिस परिवार के सदस्य को थाने बुला सकती है?
पुलिस किसी भी व्यक्ति को बिना लिखित नोटिस बार-बार थाने बुलाती है, तो यह सवालों के घेरे में आता है।
परिवार के सदस्य को तभी बुलाया जा सकता है जब:
- वह मामले का गवाह हो
- या उस पर कोई ठोस आरोप हो
सिर्फ “दबाव” के लिए बुलाना गलत माना जाता है।
परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी कब अवैध मानी जाएगी?
निम्न परिस्थितियों में गिरफ्तारी अवैध मानी जा सकती है:
- कोई FIR या आरोप न हो
- सिर्फ धमकी या दबाव के लिए हिरासत
- जांच में सहयोग के बावजूद गिरफ्तारी
- कानूनी प्रक्रिया का पालन न होना
ऐसी स्थिति में गिरफ्तारी को चुनौती दी जा सकती है।
अगर पुलिस परिवार को धमका रही है तो क्या करें?
- घबराहट में कोई बयान न दें
- लिखित नोटिस की मांग करें
- कानूनी सलाह अवश्य लें
- अनुचित दबाव का रिकॉर्ड रखें
कानून डरने के लिए नहीं, सुरक्षा के लिए है।
Related Legal Guidance
-
बिना नोटिस पुलिस बुलाए तो क्या करें? कानूनी अधिकार
-
बिना वारंट गिरफ्तारी – कानून क्या कहता है
-
अवैध गिरफ्तारी पर मुआवजा और कानूनी उपाय
निष्कर्ष
पुलिस को परिवार के सदस्यों को सिर्फ दबाव बनाने के लिए गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है।
कानून व्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करता है, न कि डर का माध्यम बनता है।
सही जानकारी और समय पर कानूनी सलाह से गलत कार्रवाई को रोका जा सकता है।
Need legal guidance? You may choose to connect for general consultation and information.
▶ Request Online Consultation
▶ Request WhatsApp Consultation
Disclaimer: This article is for general legal information and awareness purposes only. It does not constitute legal advice or solicitation. Communication is purely informational, in compliance with Bar Council of India Rule 36.





















