नामांतरण (Mutation) के लिए आवेदन – तहसीलदार हेतु प्रारूप, प्रक्रिया और कानूनी मार्गदर्शन
यह लेख The Legal Warning India द्वारा प्रकाशित किया गया है और इसे Advocate Uday Singh ने लिखा है।
जमीन या मकान खरीदने के बाद सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है – नामांतरण (Mutation)।
रजिस्ट्री होने के बाद यदि खसरा-खतौनी या राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं होता, तो भविष्य में गंभीर विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।
अक्सर लोग पूछते हैं:
“तहसीलदार के यहां नामांतरण के लिए सही आवेदन कैसे करें?”
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे:
- नामांतरण क्या है और क्यों जरूरी है
- तहसील स्तर पर प्रक्रिया
- कौन-कौन से दस्तावेज लगेंगे
- नामांतरण हेतु पूरा आवेदन प्रारूप (Format)
- आपत्ति होने पर क्या करें
नामांतरण (Mutation) क्या है?
नामांतरण का अर्थ है –
राजस्व अभिलेख (खतौनी / खसरा / जमाबंदी) में नए मालिक का नाम दर्ज करना।
ध्यान दें:
नामांतरण मालिकाना हक नहीं देता, बल्कि रजिस्ट्री के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड अपडेट करता है।
नामांतरण क्यों जरूरी है?
- भविष्य में बिक्री हेतु
- बैंक लोन लेने में
- सरकारी योजनाओं में लाभ
- कानूनी विवाद से बचाव
रजिस्ट्री के बाद नामांतरण न कराने पर भविष्य में समस्या हो सकती है।
नामांतरण के लिए आवश्यक दस्तावेज
- रजिस्टर्ड बिक्री विलेख (Sale Deed)
- स्टाम्प शुल्क भुगतान प्रमाण
- आधार / पहचान पत्र
- खसरा-खतौनी की प्रति
- आवेदन पत्र
तहसीलदार को नामांतरण हेतु आवेदन प्रारूप
सेवा में, माननीय तहसीलदार महोदय, तहसील _________, जनपद _________ विषय: नामांतरण (Mutation) हेतु प्रार्थना पत्र। महोदय, सविनय निवेदन है कि प्रार्थी ने ग्राम _______, खसरा संख्या _______, क्षेत्रफल _______, स्थित भूमि को विक्रेता _______ से दिनांक _______ को विधिवत रजिस्ट्री द्वारा क्रय किया है। रजिस्ट्री की प्रमाणित प्रति संलग्न है। अतः निवेदन है कि उक्त भूमि का नामांतरण राजस्व अभिलेखों में प्रार्थी के नाम दर्ज करने का कष्ट करें। संलग्न: 1. रजिस्ट्री की प्रति 2. पहचान पत्र 3. खतौनी प्रति 4. अन्य दस्तावेज दिनांक: नाम: पता: मोबाइल: हस्ताक्षर:
नामांतरण प्रक्रिया – तहसील स्तर पर क्या होता है?
- आवेदन दर्ज होता है
- लेखपाल जांच करता है
- सार्वजनिक सूचना (इश्तिहार)
- आपत्ति अवधि (आमतौर पर 15–30 दिन)
- तहसीलदार द्वारा आदेश
यदि आपत्ति (Objection) लग जाए तो क्या करें?
- समय पर लिखित जवाब दें
- रजिस्ट्री व स्वामित्व दस्तावेज पेश करें
- सुनवाई में उपस्थित रहें
झूठी आपत्ति के मामलों में उचित कानूनी जवाब आवश्यक होता है।
नामांतरण आपत्ति प्रारूप और प्रोसेस
नामांतरण में देरी होने पर क्या उपाय हैं?
- लिखित अनुस्मारक (Reminder)
- SDM को प्रार्थना पत्र
- उच्च राजस्व अधिकारी से शिकायत
- उचित मामलों में न्यायालय का सहारा
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q. क्या बिना नामांतरण जमीन बेची जा सकती है?
संभव है, लेकिन जोखिम रहता है।
Q. नामांतरण में कितना समय लगता है?
सामान्यतः 1–3 महीने।
Q. क्या नामांतरण से मालिकाना हक मिलता है?
नहीं, मालिकाना हक रजिस्ट्री से मिलता है।
यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। यह किसी प्रकार की कानूनी सलाह या सॉलिसिटेशन नहीं है। यह Bar Council of India Rule 36 के अनुरूप है।





















