धारा 67 राजस्व संहिता – अवैध कब्जा हटाने (बेदखली) का पूरा कानूनी प्रक्रिया (India)
यह लेख The Legal Warning India द्वारा प्रकाशित किया गया है और इसे Advocate Uday Singh ने लिखा है।
गांव और कृषि भूमि से जुड़े विवादों में एक बहुत common और powerful कानूनी प्रावधान है — धारा 67 राजस्व संहिता।
जब कोई व्यक्ति सरकारी जमीन, ग्राम समाज की भूमि या किसी अन्य की भूमि पर अवैध कब्जा कर लेता है, तब यह धारा लागू होती है।
सबसे बड़ा सवाल लोग पूछते हैं:
“क्या तहसीलदार के जरिए कब्जा तुरंत हटाया जा सकता है?”
उत्तर है: हाँ, धारा 67 के तहत बेदखली संभव है — अगर सही प्रक्रिया अपनाई जाए।
धारा 67 क्या है? (सरल भाषा में)
धारा 67 (राज्य के अनुसार अलग-अलग राजस्व संहिताओं में) अवैध कब्जा हटाने के लिए एक प्रशासनिक शक्ति देती है।
इसका उपयोग खासतौर पर किया जाता है:
- सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने के लिए
- ग्राम समाज भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए
- नहर, रास्ता, तालाब आदि पर कब्जा हटाने के लिए
किसके पास शक्ति होती है?
धारा 67 के तहत कार्रवाई करने का अधिकार होता है:
- तहसीलदार
- राजस्व अधिकारी (SDM / Collector level)
ये अधिकारी जांच करके बेदखली का आदेश दे सकते हैं।
धारा 67 के तहत कार्रवाई कब होती है?
जब:
- किसी ने बिना अधिकार जमीन पर कब्जा किया हो
- सरकारी भूमि का दुरुपयोग हो रहा हो
- ग्राम समाज भूमि पर अतिक्रमण हो
पूरी प्रक्रिया (Step-by-Step)
Step 1 – शिकायत / आवेदन
पीड़ित व्यक्ति या अधिकारी द्वारा आवेदन दिया जाता है।
Step 2 – जांच (Inquiry)
राजस्व अधिकारी मौके की जांच करता है और रिकॉर्ड चेक करता है।
Step 3 – नोटिस जारी
अतिक्रमण करने वाले को नोटिस दिया जाता है कि वह जवाब दे।
Step 4 – सुनवाई (Hearing)
दोनों पक्षों को सुनने के बाद निर्णय लिया जाता है।
Step 5 – बेदखली आदेश
अगर कब्जा अवैध पाया जाता है तो अधिकारी बेदखली का आदेश देता है।
Step 6 – कब्जा हटाना (Eviction)
प्रशासन मौके पर जाकर कब्जा हटाता है और जमीन खाली कराई जाती है।
क्या पुलिस मदद मिलती है?
हाँ, अगर विरोध या झगड़े की संभावना हो तो प्रशासन पुलिस सहायता ले सकता है।
अगर आदेश के बाद भी कब्जा नहीं हटे?
तब:
- Forceful eviction किया जा सकता है
- Penalty / fine लगाया जा सकता है
- बार-बार कब्जा करने पर कठोर कार्रवाई हो सकती है
धारा 67 बनाम सिविल कोर्ट
धारा 67 एक तेज प्रशासनिक उपाय है, लेकिन:
- Ownership dispute होने पर सिविल कोर्ट जरूरी होता है
- Title dispute में civil suit file करना पड़ता है
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Common Mistakes (लोग क्या गलती करते हैं)
- सीधे सिविल कोर्ट चले जाना
- राजस्व उपाय का उपयोग न करना
- दस्तावेज तैयार न रखना
- देरी करना
FAQs
Q. क्या धारा 67 से तुरंत कब्जा हट सकता है?
अगर मामला स्पष्ट हो तो जल्दी कार्रवाई संभव है।
Q. क्या निजी जमीन पर भी लागू होती है?
मुख्य रूप से सरकारी / ग्राम समाज भूमि के लिए होती है।
Q. क्या आदेश के खिलाफ अपील हो सकती है?
हाँ, उच्च अधिकारी के सामने अपील की जा सकती है।
यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। यह किसी प्रकार की कानूनी सलाह या सॉलिसिटेशन नहीं है। यह Bar Council of India Rule 36 के अनुरूप है।





















