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This article is published by The Legal Warning India and written by Advocate Uday Singh.

Police Agar Chargesheet Badalne Ki Baat Kare – Kya Yeh Kanoonan Sambhav Hai?

कई आपराधिक मामलों में आरोपी या उनके परिजन को यह कहा जाता है कि
“थोड़ा पैसा लगेगा, chargesheet बदलवा देंगे” या
“नाम chargesheet में नहीं जाएगा”

ऐसे समय में सबसे बड़ा सवाल यही होता है —
क्या पुलिस वाकई chargesheet बदल सकती है?

यह लेख कानून, आपराधिक प्रक्रिया और व्यावहारिक अदालत अनुभव पर आधारित है।


Chargesheet क्या होती है?

Chargesheet वह दस्तावेज़ है जिसे पुलिस जांच पूरी होने के बाद
CrPC की धारा 173 के तहत अदालत में दाखिल करती है।

इसमें:

  • आरोपों का विवरण
  • सबूतों की सूची
  • आरोपियों के नाम
  • लागू धाराएँ

Chargesheet दाखिल होते ही मामला अदालत के नियंत्रण में आ जाता है।


क्या पुलिस Chargesheet “मन से” बदल सकती है?

सीधा जवाब: नहीं।

पुलिस:

  • Chargesheet दाखिल कर सकती है
  • लेकिन उसे बदलना या नाम हटाना उसका अधिकार नहीं

एक बार chargesheet अदालत में दाखिल हो जाने के बाद,
पुलिस का रोल सीमित हो जाता है


तो पुलिस “नाम हटाने” की बात क्यों करती है?

व्यवहार में यह बातें अक्सर:

  • दबाव बनाने के लिए
  • पैसे की मांग के उद्देश्य से
  • कानूनी जानकारी की कमी का फायदा उठाकर

कही जाती हैं।
ऐसी बातें अक्सर कानूनन गलत और भ्रामक होती हैं।


Chargesheet से नाम हटाने का असली कानूनी रास्ता क्या है?

1️⃣ Investigation के दौरान

अगर जांच में पर्याप्त सबूत नहीं मिलते,
तो पुलिस किसी व्यक्ति को आरोपी न बनाए — यह संभव है।

2️⃣ Chargesheet दाखिल होने के बाद

नाम हटाने या राहत के लिए:

  • Discharge application (अदालत में)
  • High Court में FIR / Chargesheet Quashing

यह अधिकार अदालत का है, पुलिस का नहीं।


अगर पुलिस Chargesheet बदलने के बदले पैसे मांगे?

यह स्थिति गंभीर है।
ऐसे मामलों में:

  • यह भ्रष्टाचार की श्रेणी में आ सकता है
  • आरोपी को सावधानी से कदम उठाने चाहिए

इस विषय पर विस्तृत कानूनी सच्चाई यहां पढ़ें:


Police Paisa Maang Kar FIR / Chargesheet Se Naam Hatane Ka Sach


Chargesheet दाखिल होने के बाद कोर्ट क्या देखती है?

अदालत यह जांचती है:

  • क्या आरोपी के खिलाफ prima facie मामला बनता है?
  • क्या सबूत विश्वसनीय हैं?
  • क्या किसी को बेवजह फँसाया गया है?

अगर अदालत संतुष्ट होती है,
तो आरोपी को राहत मिल सकती है।


लोग सबसे बड़ी गलती क्या करते हैं?

  • पुलिस की मौखिक बातों पर भरोसा कर लेना
  • कानूनी सलाह लिए बिना पैसा देने की सोच
  • यह मान लेना कि chargesheet पुलिस के हाथ में है

Chargesheet अदालत का विषय है, सौदेबाज़ी का नहीं।


निष्कर्ष

पुलिस chargesheet बदलने या नाम हटाने का वादा नहीं कर सकती।

अगर ऐसा दावा किया जा रहा है,
तो यह या तो कानूनी भ्रम है या गलत दबाव की रणनीति।

सही रास्ता हमेशा कानून और अदालत के माध्यम से ही होता है।


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Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी और जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। यह किसी प्रकार की कानूनी सलाह या सॉलिसिटेशन नहीं है। यह संचार Bar Council of India Rule 36 के अनुरूप है।