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This article is published by The Legal Warning India and written by Advocate Uday Singh.

POCSO Act FIR Format – नाबालिग से अपराध की FIR कैसे लिखें? (Hindi Guide)

POCSO Act (Protection of Children from Sexual Offences Act) भारत का एक अत्यंत संवेदनशील और सख्त कानून है, जो 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से संबंधित है।

अक्सर माता-पिता या अभिभावक यह नहीं जानते कि:

  • POCSO की FIR कैसे लिखी जाती है?
  • क्या FIR दर्ज करना अनिवार्य है?
  • पुलिस FIR लिखने से मना कर सकती है या नहीं?

इस लेख में हम POCSO FIR का सही फॉर्मेट, कानूनी नियम और जरूरी सावधानियाँ विस्तार से समझा रहे हैं।

यह जानकारी POCSO Act, आपराधिक प्रक्रिया और सार्वजनिक कानूनी दिशानिर्देशों पर आधारित है।


POCSO Act क्या है? (संक्षेप में)

POCSO Act उन सभी अपराधों पर लागू होता है, जिनमें:

  • पीड़ित की उम्र 18 वर्ष से कम हो
  • यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, शोषण या धमकी शामिल हो
  • ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरह के अपराध हों

POCSO मामलों में FIR दर्ज करना पुलिस के लिए अनिवार्य है।


POCSO FIR के लिए विशेष कानूनी नियम

1️⃣ FIR दर्ज करना अनिवार्य (Mandatory)

POCSO Act के तहत FIR दर्ज न करना कानूनन अपराध है।

2️⃣ पीड़ित की पहचान गोपनीय

बच्चे का नाम, फोटो या पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती।

3️⃣ महिला पुलिस अधिकारी द्वारा बयान

संभव हो तो बयान महिला पुलिस अधिकारी द्वारा लिया जाना चाहिए।

4️⃣ बच्चे को थाने बुलाना जरूरी नहीं

बयान बच्चे के घर या सुरक्षित स्थान पर लिया जा सकता है।


POCSO FIR कैसे लिखें? (Step-by-Step)

  • थाने का नाम
  • शिकायतकर्ता का नाम (अभिभावक/माता-पिता)
  • पीड़ित बच्चे की उम्र (DOB के साथ)
  • घटना की तारीख, समय और स्थान
  • घटना का तथ्यात्मक विवरण
  • आरोपी का नाम (यदि ज्ञात हो)

भाषा सरल, तथ्यात्मक और गैर-भावनात्मक रखें।


POCSO FIR FORMAT (Hindi)

सेवा में,
थाना प्रभारी,
________ थाना,
________ जिला

विषय: POCSO Act के अंतर्गत FIR दर्ज करने हेतु प्रार्थना पत्र।

महोदय/महोदया,

मैं _________ निवासी __________, यह सूचित करना चाहता/चाहती हूँ कि मेरे
नाबालिग पुत्र/पुत्री (उम्र ___ वर्ष) के साथ दिनांक ___ को समय ___ बजे
________ स्थान पर गंभीर अपराध किया गया।

उक्त घटना POCSO Act के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। कृपया मेरी शिकायत के आधार
पर FIR दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करें।

मैं/हम जांच में पूर्ण सहयोग करेंगे।

धन्यवाद।

दिनांक:
हस्ताक्षर:
नाम:
मोबाइल नंबर:

अगर पुलिस FIR दर्ज न करे तो क्या करें?

  • SP/SSP को लिखित शिकायत
  • महिला/बाल आयोग में शिकायत
  • न्यायालय में आवेदन

POCSO मामलों में FIR से इनकार गंभीर लापरवाही मानी जाती है।


गलत या झूठी POCSO FIR – कानूनी सावधानी

POCSO Act सख्त कानून है, इसलिए:

  • गलत आरोप से बचें
  • तथ्यों की पुष्टि करें
  • कानूनी सलाह के बिना बयान न दें

गलत FIR दोनों पक्षों के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है।


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निष्कर्ष

POCSO FIR दर्ज करना बच्चे की सुरक्षा के लिए सबसे पहला और जरूरी कदम है।

कानून पीड़ित बच्चे के पक्ष में खड़ा है, लेकिन सही प्रक्रिया और जागरूकता बेहद जरूरी है।


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Disclaimer: This article is for general legal information and awareness purposes only. It does not constitute legal advice or solicitation. Communication is purely informational, in compliance with Bar Council of India Rule 36.