This article is published by The Legal Warning India and written by Advocate Uday Singh.
Cheque Bounce Legal Notice Format (Hindi) – चेक बाउंस होने पर नोटिस कैसे भेजें?
जब कोई व्यक्ति या कंपनी दिया गया चेक बैंक से बाउंस हो जाता है, तो यह केवल वित्तीय समस्या नहीं बल्कि कानूनी विषय बन जाता है।
Cheque bounce होने के बाद सबसे पहला और अनिवार्य कदम होता है – कानूनी नोटिस भेजना।
इस लेख में हम बताएंगे:
- Cheque bounce legal notice कब भेजना होता है
- नोटिस में क्या-क्या लिखा जाना चाहिए
- Cheque bounce notice का सही Hindi format
Information is based on Negotiable Instruments Act, 1881 (Section 138) and publicly available legal practice.
Cheque Bounce Legal Notice Kab Zaroori Hai?
जब:
- चेक बैंक से अनादर (bounce) हो जाए
- बैंक से “insufficient funds” या अन्य कारण से return memo मिले
तो 30 दिनों के भीतर कानूनी नोटिस भेजना अनिवार्य होता है।
बिना नोटिस भेजे सीधा केस दायर नहीं किया जा सकता।
Cheque Bounce Legal Notice – Hindi Format (Sample)
नोट: नीचे दिया गया प्रारूप सामान्य जानकारी के लिए है। इसे अपनी स्थिति के अनुसार संशोधित किया जा सकता है।
सेवा में, __________ (चेक जारी करने वाले का नाम) पता: __________ विषय: अनादरित (बाउंस) चेक के संबंध में कानूनी नोटिस। महोदय/महोदया, मेरे मुवक्किल श्री/श्रीमती __________ द्वारा आपको दिनांक __________ को ₹__________ (राशि) का चेक संख्या __________, बैंक __________ के माध्यम से भुगतान हेतु दिया गया था। उक्त चेक को जब बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो दिनांक __________ को वह “__________” कारण से अनादरित (बाउंस) हो गया, जिसकी सूचना बैंक मेमो द्वारा प्राप्त हुई। यह स्पष्ट किया जाता है कि चेक का अनादर होना निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। अतः आपको इस नोटिस के माध्यम से सूचित किया जाता है कि आप इस नोटिस की प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर ₹__________ की पूरी राशि का भुगतान करें, अन्यथा मेरे मुवक्किल को आपके विरुद्ध विधि अनुसार कानूनी कार्यवाही प्रारंभ करने हेतु विवश होना पड़ेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी आपकी होगी। भवदीय, (अधिवक्ता का नाम) दिनांक: __________ स्थान: __________
Legal Notice Ke Baad Kya Hota Hai?
- 15 दिनों की वैधानिक अवधि मिलती है
- भुगतान न होने पर केस दायर किया जा सकता है
- मामला न्यायालय में जाता है
समय सीमा का पालन अत्यंत आवश्यक है।
Cheque Bounce Notice Me Aksar Ki Jaane Wali Galtiyan
- गलत तारीख या राशि लिखना
- 30 दिन की सीमा चूक जाना
- नोटिस का सही रिकॉर्ड न रखना
इन गलतियों से पूरा केस कमजोर हो सकता है।
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