This article is published by The Legal Warning India and written by Advocate Uday Singh.
किसान सम्मान निधि (PM Kisan) का पैसा रुक गया या नहीं आया? उत्तर प्रदेश में क्या करें – पूरा कानूनी और प्रैक्टिकल समाधान
उत्तर प्रदेश के हजारों किसानों की शिकायत रहती है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त अचानक रुक गई है या खाते में पैसा आया ही नहीं।
कई बार किसान को कारण भी नहीं बताया जाता, जिससे भ्रम और परेशानी बढ़ जाती है।
इस लेख में हम आसान हिंदी में समझेंगे कि PM Kisan का पैसा क्यों रुकता है, और उत्तर प्रदेश में किसान को क्या-क्या कदम उठाने चाहिए।
PM किसान सम्मान निधि क्या है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना ₹6000 तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से दिया जाता है।
PM Kisan का पैसा रुकने के आम कारण
- e-KYC पूरी न होना
- बैंक खाता आधार से लिंक न होना
- खसरा-खतौनी / भूलेख में गड़बड़ी
- भूमि रिकॉर्ड अपडेट न होना
- किसान की मृत्यु के बाद नाम अपडेट न होना
- सरकारी कर्मचारी / अपात्र घोषित होना
- एक ही परिवार से दो नाम दर्ज होना
उत्तर प्रदेश में सबसे पहले क्या जांच करें?
1️⃣ PM Kisan Status Check
PM Kisan पोर्टल पर जाकर अपनी किस्त की स्थिति जरूर जांचें।
वहां अक्सर “Payment Stopped”, “Rejected” या “Pending at State Level” लिखा होता है।
2️⃣ e-KYC तुरंत पूरा करें
अगर e-KYC अधूरी है तो पैसा अपने आप रुक जाता है।
यह CSC सेंटर या ऑनलाइन पूरी की जा सकती है।
3️⃣ बैंक और आधार लिंकिंग चेक करें
कई मामलों में पैसा इसलिए नहीं आता क्योंकि:
- IFSC गलत होता है
- खाता बंद या निष्क्रिय होता है
- आधार लिंक नहीं होता
अगर फिर भी पैसा न आए तो क्या करें?
4️⃣ लेखपाल / कृषि विभाग में शिकायत
उत्तर प्रदेश में किसान को अपने क्षेत्र के लेखपाल, कृषि सहायक या ब्लॉक ऑफिस में लिखित शिकायत देनी चाहिए।
5️⃣ भूमि रिकॉर्ड सही कराएं
अगर खसरा-खतौनी में नाम, रकबा या स्वामित्व गलत है तो PM Kisan की किस्त रोकी जा सकती है।
ऐसे में पहले राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त कराना जरूरी है।
6️⃣ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
PM Kisan पोर्टल पर Grievance सेक्शन में शिकायत दर्ज की जा सकती है।
शिकायत नंबर को सुरक्षित रखें।
अगर किसान कुछ न करे तो क्या होगा?
- किस्त लंबे समय तक रुकी रह सकती है
- पुरानी किस्त का पैसा भी फंस सकता है
- नाम हमेशा के लिए अपात्र सूची में जा सकता है
- भविष्य की सभी किस्तें बंद हो सकती हैं
क्या कानूनी कार्रवाई संभव है?
अगर सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद भी:
- पैसा जानबूझकर रोका गया हो
- शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न हो
- भेदभाव या मनमानी हो
तो किसान उच्च अधिकारियों को अभ्यावेदन या जरूरत पड़ने पर हाई कोर्ट में रिट याचिका पर भी विचार कर सकता है।
हालांकि हर केस तथ्यों पर निर्भर करता है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
- हर साल e-KYC अपडेट रखें
- भूमि रिकॉर्ड समय पर दुरुस्त कराएं
- बैंक खाते को सक्रिय रखें
- मौखिक भरोसे पर न रहें, लिखित शिकायत दें
निष्कर्ष
PM किसान सम्मान निधि किसानों का अधिकार है, लेकिन छोटी-सी तकनीकी या रिकॉर्ड की गलती के कारण पैसा रुक जाता है।
समय पर जांच, सही शिकायत और दस्तावेज अपडेट करने से समस्या हल हो सकती है।
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