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Online Gaming Fraud: कैसे ऑनलाइन गेमिंग साइट्स लोगों को जुए के जाल में फँसाकर बर्बाद कर रही हैं

Published by The Legal Warning India
Written by Advocate Uday Singh

आज भारत में ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग ऐप्स तेजी से बढ़ रहे हैं। शुरुआत में ये ऐप्स
“skill-based game”, “easy earning”, “instant withdrawal” जैसे शब्दों का इस्तेमाल
कर लोगों को आकर्षित करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यही गेम्स लोगों के लिए
आर्थिक और मानसिक तबाही का कारण बन जाते हैं।


📌 ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड कैसे काम करता है?

  • शुरुआत में छोटे अमाउंट जीतने दिया जाता है
  • धीरे-धीरे बड़ी रकम लगाने के लिए उकसाया जाता है
  • Withdrawal रोक दिया जाता है या अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाता है
  • लोग उधार लेकर, गहने बेचकर या संपत्ति गिरवी रखकर खेलते रहते हैं

कई मामलों में यह सामने आया है कि लोग अपनी पूरी सैलरी, बचत और पारिवारिक संपत्ति
तक गंवा चुके हैं।


⚠️ क्या यह कानूनी है?

भारत में अधिकतर ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग ऐप्स कानूनी अस्पष्टता का फायदा उठाते हैं।
यदि कोई गेम:

  • धोखे से पैसे लगवाता है
  • False promises करता है
  • Withdrawal रोकता है
  • Manipulated algorithms का प्रयोग करता है

तो वह Cyber Fraud की श्रेणी में आता है।


⚖️ लागू कानूनी प्रावधान (IPC / BNS / IT Act)

  • धोखाधड़ी (Cheating)
  • आपराधिक विश्वासघात
  • Cyber Fraud – IT Act, 2000
  • Online Gambling से जुड़े राज्य कानून

अगर किसी व्यक्ति को जानबूझकर आर्थिक नुकसान पहुँचाया गया है,
तो आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है


🧠 मानसिक और सामाजिक प्रभाव

ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड केवल पैसे का नुकसान नहीं करता, बल्कि:

  • डिप्रेशन और आत्महत्या की प्रवृत्ति
  • पारिवारिक कलह
  • नौकरी और पढ़ाई पर असर
  • सामाजिक बदनामी

कई मामलों में यह एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है।


🛡️ बचाव के उपाय

  • Easy earning के झाँसे में न आएँ
  • Unknown gaming apps से दूर रहें
  • KYC और License जरूर जाँचें
  • कभी भी उधार लेकर गेम न खेलें

📝 यदि आप पीड़ित हो चुके हैं तो क्या करें?

  1. Cyber Crime Portal पर शिकायत दर्ज करें
  2. Bank transaction का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें
  3. App और WhatsApp चैट का स्क्रीनशॉट लें
  4. कानूनी सलाह अवश्य लें

समय पर की गई कानूनी कार्रवाई से पैसा वापस मिलने और
अपराधियों पर कार्यवाही की संभावना रहती है।


🔗 संबंधित कानूनी मार्गदर्शन


Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी और जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है।
यह किसी प्रकार की कानूनी सलाह नहीं है। प्रत्येक मामला अपने तथ्यों पर निर्भर करता है।



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