This article is published by The Legal Warning India and written by Advocate Uday Singh.
खाद नहीं मिल रही या काला बाज़ारी हो रही है? किसान क्या करें – पूरा कानूनी और प्रैक्टिकल समाधान
रबी और खरीफ के मौसम में सबसे बड़ी समस्या बन जाती है – खाद (यूरिया, DAP, NPK) की कमी।
उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में किसानों की शिकायत रहती है कि या तो खाद मिल नहीं रही, या फिर ब्लैक मार्केट में महंगे दामों पर बेची जा रही है।
इस लेख में हम आसान हिंदी में समझेंगे कि अगर खाद की काला बाज़ारी हो रही है, तो किसान क्या कानूनी कदम उठा सकता है और चुप रहने से क्या नुकसान हो सकता है।
खाद की किल्लत और काला बाज़ारी क्यों होती है?
हर साल खेती के सीजन में खाद की मांग बढ़ जाती है। इसी मौके का फायदा उठाकर कुछ लोग:
- सरकारी खाद को छिपा लेते हैं
- प्राइवेट दुकानों में ज्यादा दाम पर बेचते हैं
- एक बोरी के साथ दूसरी चीज़ जबरन खरीदवाते हैं
- बिना रसीद खाद बेचते हैं
यह सब कानूनन अपराध है, लेकिन जानकारी न होने के कारण किसान मजबूर हो जाता है।
खाद की काला बाज़ारी पर कौन सा कानून लागू होता है?
1️⃣ Essential Commodities Act (आवश्यक वस्तु अधिनियम)
खाद आवश्यक वस्तु है। इसकी जमाखोरी, काला बाज़ारी और ओवरप्राइस बिक्री दंडनीय अपराध है।
2️⃣ Fertilizer Control Order (FCO)
खाद का दाम, स्टॉक, बिक्री और वितरण सरकार द्वारा नियंत्रित होता है।
निर्धारित मूल्य से ज्यादा लेना गैरकानूनी है।
3️⃣ IPC / BNS के प्रावधान
धोखाधड़ी, अवैध मुनाफाखोरी और साजिश के मामलों में आपराधिक कार्रवाई संभव है।
अगर खाद नहीं मिल रही या महंगी मिल रही है तो किसान क्या करे?
1️⃣ रसीद और सबूत इकट्ठा करें
अगर कोई दुकानदार:
- ज्यादा दाम मांग रहा है
- खाद देने से मना कर रहा है
- बिना रसीद बेच रहा है
तो उसका नाम, दुकान, फोटो, वीडियो या ऑडियो सबूत सुरक्षित रखें।
2️⃣ कृषि विभाग में लिखित शिकायत
अपने ब्लॉक या तहसील के कृषि अधिकारी / जिला कृषि अधिकारी को लिखित शिकायत दें।
मौखिक शिकायत से बचें।
3️⃣ जिला प्रशासन को सूचना
काला बाज़ारी की शिकायत SDM / DM कार्यालय में भी दी जा सकती है।
जिला प्रशासन के पास छापा मारने की शक्ति होती है।
4️⃣ पुलिस में शिकायत कब करें?
अगर:
- खुलेआम ब्लैक मार्केट चल रही हो
- धमकी दी जा रही हो
- जबरन महंगी खरीद करवाई जा रही हो
तो पुलिस शिकायत भी की जा सकती है।
अगर किसान कुछ नहीं करता तो क्या होगा?
- फसल बर्बाद हो सकती है
- उत्पादन कम हो जाएगा
- आर्थिक नुकसान बढ़ेगा
- अगले सीजन में भी यही समस्या दोहराएगी
काला बाज़ारी इसलिए चलती है क्योंकि ज्यादातर किसान शिकायत नहीं करते।
क्या अदालत जाना संभव है?
अगर लगातार शिकायत के बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं करता, तो किसान:
- उच्च अधिकारियों को अभ्यावेदन
- या जरूरत पड़ने पर हाई कोर्ट में रिट याचिका
पर विचार कर सकता है। हर केस तथ्यों पर निर्भर करता है।
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किसानों के लिए जरूरी सलाह
- निर्धारित रेट की जानकारी रखें
- हमेशा रसीद लें
- डरकर चुप न रहें
- समूह में शिकायत करना ज्यादा प्रभावी होता है
निष्कर्ष
खाद की काला बाज़ारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि किसानों की जागरूकता से ही रुकेगी।
कानून किसान के साथ है, ज़रूरत है सही समय पर सही कदम उठाने की।
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