This article is published by The Legal Warning India and written by Advocate Uday Singh.
बैंक लोन रिकवरी में किसान को परेशान किया जा रहा है – क्या करें? पूरा कानूनी समाधान
देश के कई किसान फसल खराब होने, प्राकृतिक आपदा, बीमारी या आर्थिक संकट के कारण बैंक का कर्ज समय पर नहीं चुका पाते।
ऐसी स्थिति में कई बार बैंक या रिकवरी एजेंट दबाव, धमकी, घर आकर परेशान करना, या ज़मीन कुर्की की बात करने लगते हैं।
अगर आप किसान हैं और लोन रिकवरी के नाम पर आपको परेशान किया जा रहा है, तो यह लेख आपको बताएगा कि कानून क्या कहता है और किसान को क्या करना चाहिए।
किसानों को बैंक रिकवरी में कैसे परेशान किया जाता है?
- घर आकर बार-बार धमकाना
- परिवार वालों को डराना
- फोन पर गाली-गलौज या दबाव
- ज़मीन जब्त करने की धमकी
- बिना नोटिस कार्रवाई की बात
ध्यान रखें – यह सब हर स्थिति में कानूनी नहीं होता।
क्या बैंक किसान की ज़मीन तुरंत ले सकता है?
नहीं।
बैंक या रिकवरी एजेंट किसान की ज़मीन या संपत्ति बिना कानूनी प्रक्रिया के नहीं ले सकते।
बैंक को पहले:
- लिखित नोटिस देना होता है
- समय देना होता है
- कानून के तहत ही कार्रवाई करनी होती है
किसानों पर कौन से कानून लागू होते हैं?
1️⃣ RBI के दिशानिर्देश (Recovery Guidelines)
RBI के नियमों के अनुसार:
- रिकवरी एजेंट धमकी नहीं दे सकते
- रात या सुबह-सुबह परेशान नहीं कर सकते
- महिला, बुजुर्ग या बीमार व्यक्ति को डराना गैरकानूनी है
2️⃣ SARFAESI Act (सीमित परिस्थितियों में)
यह कानून तभी लागू होता है जब:
- लोन बड़ा हो
- संपत्ति गिरवी रखी गई हो
- पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया हो
हर किसान लोन पर SARFAESI अपने आप लागू नहीं होता।
3️⃣ IPC / BNS के प्रावधान
धमकी, जबरदस्ती, अपमान या अवैध दबाव की स्थिति में आपराधिक शिकायत भी संभव है।
अगर बैंक रिकवरी से परेशान करे तो किसान क्या करे?
1️⃣ लिखित नोटिस और रिकॉर्ड रखें
हर कॉल, मैसेज, नोटिस और धमकी का रिकॉर्ड रखें।
ऑडियो, वीडियो या गवाह भी सबूत बन सकते हैं।
2️⃣ बैंक शाखा में लिखित शिकायत दें
सबसे पहले अपनी बैंक ब्रांच मैनेजर को लिखित शिकायत दें और रिसीविंग लें।
3️⃣ उच्च बैंक अधिकारियों से शिकायत
अगर ब्रांच समाधान नहीं करती, तो:
- रीजनल ऑफिस
- ग्रेविएंस सेल
- बैंक ओम्बड्समैन
में शिकायत की जा सकती है।
4️⃣ पुलिस शिकायत कब करें?
अगर:
- धमकी दी जा रही हो
- घर में घुसकर दबाव बनाया जाए
- परिवार को डराया जाए
तो पुलिस में शिकायत की जा सकती है।
अगर किसान चुप रहे तो क्या नुकसान होगा?
- दबाव बढ़ता जाएगा
- गलत तरीके से रिकवरी हो सकती है
- मानसिक और सामाजिक नुकसान
- भविष्य में कानूनी अधिकार कमजोर हो जाते हैं
क्या कोर्ट जाना संभव है?
अगर बैंक:
- कानून का उल्लंघन करे
- नोटिस दिए बिना कार्रवाई करे
- रिकवरी प्रक्रिया में मनमानी करे
तो किसान सिविल कोर्ट / हाई कोर्ट में कानूनी राहत के लिए जा सकता है।
हर मामला तथ्यों पर निर्भर करता है।
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किसानों के लिए जरूरी सलाह
- डरें नहीं, कानून आपके साथ है
- मौखिक बातों पर भरोसा न करें
- हर शिकायत लिखित में करें
- समय पर कानूनी जानकारी लें
निष्कर्ष
कर्ज न चुका पाना अपराध नहीं है, लेकिन किसान को डराना और अपमानित करना गैरकानूनी है।
अगर बैंक या रिकवरी एजेंट कानून से बाहर जाकर दबाव बना रहे हैं, तो किसान के पास स्पष्ट कानूनी अधिकार हैं।
Information is based on RBI guidelines, banking laws and publicly available sources.
This article is for general legal information and awareness purposes only. It does not constitute legal advice or solicitation. Communication is purely informational, in compliance with Bar Council of India Rule 36.





